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नाहिद जावेद

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जय हो!

Overall
5 out of 5 stars
Performance
5 out of 5 stars
Story
5 out of 5 stars

Reviewed: 11-12-20

एक डार्क होर्स के द्वारा लिखे डार्क हॉर्स को एक डार्क हॉर्स ने तीन पहले पहले खरीदा था,लेकिन किसी व्यक्तिगत वजह से पढ़ नहीं पा रहे थे,,फिर पंद्रह दिन पहले इसे आपकी आवाज़ में सुनने का मुफ़्त कूपन कोड मिला , दादा मज़ा आ गया मतलब, बत्रा की चाई,मुखर्जी नगर की तंग गलियों में जूस,और किताब की दुकान के साथ वहां के कमरे, राय साहब का ज्ञान,,संतोष का सपना, जावेद का लोकगीत के साथ उसका आर्थिक और पारिवारिक स्थिति,मनोहर की दोस्ती,,, गुरू का गुरु होना,,, भरत की अंग्रेज़ी,,पायल की अनहद स्वतंत्रता, विदिषा की मर्यादित स्वतंत्रता,,मोहिनी की मुस्कान,,और भी बहुत कुछ में कोचिंग के चयन की उधेबुन,,द हिंदू अखबार,,,और सबका एक दूसरे के संघर्ष का हिस्सा होना किसी का सफल होना किसी का प्रयासरत रहना, और परिस्थिति के हिसाब से कभी कभी आपके गीत का चयन और गाने का तथा कहानी सुनाने का सटीक और उम्दा अंदाज़,,कभी कभी ठहाके भी लगाया तो कभी आंखें भावुकता से नम भी हुई,, लाजवाब लिखें हैं नीलो दा,,ऐसी रचनाओं के लिए हार्दिक आभार,,, लिखते रहिए,सुनाते रहिए,गाते रहिए, जय हो।।

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