Dil se by Atul Malikram cover art

Dil se by Atul Malikram

Dil se by Atul Malikram

Written by: Atul Malikram
Listen for free

Book ChaptersAtul Malikram Art
Episodes
  • गरीबी या मक्कारी एक कड़वा सच
    Jan 21 2026
    गरीबी केवल पैसों की कमी नहीं है, बल्कि यह एक गहरी सामाजिक, मानसिक और वैचारिक समस्या है, जिसने व्यक्ति से लेकर समाज और राष्ट्र तक को जकड़ रखा है। यह लेख गरीबी के उस कड़वे सच को सामने लाता है, जिसे अक्सर सहानुभूति और भावुकता की आड़ में अनदेखा कर दिया जाता है। आज़ादी के बाद से भारत में गरीबी उन्मूलन के नाम पर सरकारों ने अनगिनत योजनाएँ चलाईं—मुफ़्त राशन, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ, आर्थिक सहायता और कम ब्याज पर ऋण—फिर भी दशकों बाद भी देश की बड़ी आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीने को मजबूर है। सवाल यह नहीं है कि योजनाएँ बनीं या नहीं, सवाल यह है कि उनका वास्तविक प्रभाव क्या पड़ा।यह लेख उस मानसिकता पर चोट करता है, जहाँ गरीबी को एक स्थायी पहचान मान लिया गया है और सरकारी सहायता को अधिकार नहीं बल्कि आदत बना लिया गया है। जब मुफ्त भोजन, आवास और आर्थिक सहयोग लगातार मिलता रहे, तो आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। लेख शहरी झुग्गी-झोपड़ियों और आवास योजनाओं के उदाहरणों के माध्यम से दिखाता है कि कैसे कुछ लोग पक्के मकान मिलने के बावजूद उन्हें किराए पर देकर फिर से झोपड़ी में रहना चुनते हैं, ताकि सरकारी लाभों की श्रृंखला बनी रहे। यह स्थिति गरीबी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी निर्भरता और अवसरवादिता को उजागर करती है।शिक्षा को गरीबी से बाहर निकलने का सबसे मजबूत हथियार माना जाता है, लेकिन जब शिक्षा के प्रति जागरूकता और आत्मविकास की इच्छा ही न हो, तो सुविधाएँ भी निष्प्रभावी हो जाती हैं। लेख इस तथ्य पर जोर देता है कि गरीबी से निकलने के लिए केवल सरकार की योजनाएँ पर्याप्त नहीं हैं; इसके लिए व्यक्ति के भीतर सकारात्मक सोच, आत्मसम्मान, मेहनत और जिम्मेदारी की भावना का होना अनिवार्य है। इतिहास और वर्तमान दोनों में ऐसे असंख्य उदाहरण मौजूद हैं, जहाँ अत्यंत गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों ने अपने परिश्रम और दृष्टिकोण के बल पर न केवल गरीबी को हराया, बल्कि समाज और देश के लिए प्रेरणा बने।यह लेख भावनात्मक सहानुभूति से हटकर एक कठोर लेकिन आवश्यक प्रश्न पूछता है—गरीबी और मक्कारी के बीच की रेखा कहाँ है? गरीब पैदा होना परिस्थितियों का परिणाम हो सकता है, लेकिन जीवन भर उसी स्थिति में बने रहना और हर असफलता का दोष सरकार, ...
    Show More Show Less
    6 mins
  • Ch #06: जीवन में पथप्रदर्शक की भूमिका निभाते हैं वेद
    Feb 15 2023

    Atul Malikram is a renowned Indian political strategist, PR consultant, and author. He has built a reputation as a highly successful political strategist, particularly in the Hindi-speaking states of Madhya Pradesh, Rajasthan, Chhattisgarh, and Uttar Pradesh.

    He is also an accomplished author, having published two books. "Dil Se" and  "Gallan Dil Di,". Get the book by clicking here...

    Amazon: https://amzn.eu/d/2tC3Fwv
    Notion Press: https://notionpress.com/read/gallan-dil-di
    Flipkart: https://dl.flipkart.com/s/OuUeGFNNNN

    Show More Show Less
    7 mins
  • Ch #38: मदर टेरेसा की वो 7 बातें, जो हर PR practitioners के लिए मददगार साबित होती हैं
    Feb 13 2023

    Atul Malikram is a renowned Indian political strategist, PR consultant, and author. He has built a reputation as a highly successful political strategist, particularly in the Hindi-speaking states of Madhya Pradesh, Rajasthan, Chhattisgarh, and Uttar Pradesh.

    He is also an accomplished author, having published two books. "Dil Se" and  "Gallan Dil Di,". Get the book by clicking here...

    Amazon: https://amzn.eu/d/2tC3Fwv
    Notion Press: https://notionpress.com/read/gallan-dil-di
    Flipkart: https://dl.flipkart.com/s/OuUeGFNNNN

    Show More Show Less
    8 mins
adbl_web_anon_alc_button_suppression_t1
No reviews yet