।। बूंद और समुद्र ।। cover art

।। बूंद और समुद्र ।।

।। बूंद और समुद्र ।।

Listen for free

View show details

About this listen

* २ अध्याय का २० वा श्लोक


* आत्मा परमात्मा क्या है इसे जानने के झंझट में न पढ़ कर तुम तो राम नाम ( किसी भी भगवान ) के जप में लग जाओ


* जब विकार उठें, खुशी मनाओ, वे जाने के लिए उठ रहे है!


* सत का कभी अभाव नहीं , असत का कभी भाव नहीं होता।


* भगवान में न्यायकारिता और दयालुता का अद्भुत मिश्रण है


* भागवत गुण दोष नहीं देखते, वे सिर्फ प्रेम देखते हैं

* बूंद को यह समझ में आ जाए कि केवल समुद्र ही है

adbl_web_anon_alc_button_suppression_c
No reviews yet