• अंक 9 : सामुदायिक रेडियो की दीवानगी
    Nov 6 2008
    पॉडभारती के नवें अंक में आप सुन सकते हैं - भारत में सामुदायिक यानि कम्यूनिटी रेडियो व कैंपस रेडियो परिदृश्य पर एक रपट, - ‍लोकप्रिय पॉडकास्टर उन्मुक्त का एमपी-‍3 की बजाय ओग फार्मेट से लगाव के कारणों का खुलासा और, - उभरते गायक और भाईबहन की जोड़ी “खुशी और नौज़ाद” के एल्बम “अमेरिका में इंडिया” से एक मधुर गीत
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    16 mins
  • अंक 8 : भ्रष्टाचार विरोध का इंटरनेट एक्सटेंशन
    Apr 3 2008
    श्रोता मित्रों, पॉडभारती का आठवाँ एपीसोड अब पॉडभारती डॉट कॉम पर आपके लिये उपलब्ध है। अंक का संचालन किया है देबाशीष चक्रवर्ती ने। पॉडभारती के इस अंक में आप सुन सकते हैं: • भ्रष्टाचार के खिलाफ जिहाद लड़ रहे कर्नाटक के एक वरिष्ठ आई.ए.एस अधिकारी विजयकुमार की पत्नी श्रीमती जयश्री के अदम्य साहस की कथा, जिसने अपने पति का केवल साथ ही नहीं दिया, बल्कि इससे एक कदम बढ़कर भ्रष्ट सफेदपोश गुंडों से उनकी जान की रक्षा के लिये इंटरनेट पर बनाया एक अनोखा दुर्ग। • लोकप्रिय हिन्दी चिट्ठाकार उन्मुक्त की प्रभावशाली आवाज़ में सुनिये कैप्टन स्कॉट की डायरी से दक्षिणी ध्रुव के रोमांचक और साहसिक अभियान का वृत्तांत, जो दुर्भाग्यवश स्कॉट के जीवन का अंतिम अभियान भी सिद्ध हुआ। और अंत में, • ब्लॉगरों के लेखन में मदद कर उसमें निखार लाने की एक ब्राउज़र आधारित जुगत ज़ेमांटा के बारे में रोचक जानकारी।
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    18 mins
  • अंक 7 : ब्लैक पैम्फलैट्सः लीक से हटकर
    Dec 20 2007
    पॉडभारती के सातवें अंक में आप सुन सकते हैं: * नये स्तंभ “लीक से हटकर” में जानिये जीटॉक के स्टेटस संदेशों के अभिनव प्रयोग के बारे में * दिल्ली के कैम्पस में चुनावी माहौल का सटीक चित्रांकन करती एक युवा फिल्म निर्माता नितिन के प्रयास “ब्लैक पैम्पलेट्स” की कथा और * संगीतकार मदन मोहन की रचना प्रक्रिया के एक अनछुये पहलू की जानकारी, रेडियोवाणी के युनुस खान की ज़ुबानी।
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    19 mins
  • अंक 6 : भारत, आलवेज़ टर्न्ड आन
    Aug 15 2007
    पॉडभारती के सभी श्रोताओं को हमारी ओर से स्वाधीनता दिवस की हार्दिक बधाई। हम प्रस्तुत हैं पॉडभारती के छठवें अंक के साथ, जिसमें आप सुन सकते हैं •इंटरनेट का प्रादुर्भाव बढ़ रहा है, वेब 2.0 के साथ ही रिच क्लाएंट की बातें होती हैं और ज़ाहिर है कई कंपनियाँ मानती हैं कि अब आपका ब्राउज़र ही आपका पीसी है। ऐसे ही एक जालस्थल निवियो डॉट कॉम की समीक्षा कर रहे हैं हमारे टेक गुरु रविशंकर श्रीवास्तव। •लंदन से नीरू कोठारी पेश कर रही हैं युरोप की खबरें और •अंत में सुनिये हमारे साठवें स्वतंत्रता दिवस पर एक विशेष प्रस्तुति जिसमें आप सुन सकेंगे रविंद्रनाथ टैगोर की दुर्लभ रिकार्डिंग। त्रुटिसुधार: पॉडकास्ट में एक जगह कहा गया है कि भारतीय गणतंत्र 60 वर्ष का हो चुका है, यह बात त्रुटिपूर्ण है क्योंकि भारत स्वाधीनता के तीन वर्ष बाद गणतंत्र बना।
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    15 mins
  • अंक 5 : थम न जाये जलधारा
    Aug 1 2007
    पॉडभारती के पांचवें पड़ाव शामिल है: -जलसंकट पर दैनिक भास्कर समूह में संपादक विकास मिश्र की संक्षिप्त वार्ता -जल संरक्षण के मुद्दे पर दो खूबसूरत गीत, मशहूर ग़जल गायक भुपिंदर सिंह और रघुनाथ सरन की आवाज़ में -किरण बेदी के साथ हुये अन्याय के बहाने नारी अधिकारों की बात कर रही हैं मुम्बई से वरिष्ठ पत्रकार सीमा अनंत -ब्रिटेन में ग्लासगो मामले के बाद के हालात पर लंदन से नीरू कोठारी की खास रिपोर्ट
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    21 mins
  • अंक 4 : अंशुल ने मचाया गदर
    Jul 23 2007
    श्रोताओं की शिकायत रही है कि पॉडभारती का रवैया गीत-संगीत और सिनेमा के प्रति बेरूखी का रहा है। हमें पूरा यकीन है कि पॉडभारती के इस अंक में यह शिकायत दूर हो जायेगी। हमारे चतुर्थ अंक में आप सुन सकते है: •भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म गदर का अनूठा पॉडिकरण •सिलिकन वैली में रहने वाले 13 साल के बेहद प्रतिभाशाली एनआरआई बालक अंशुल समर से खास बातचीत और •कनाडा की उड़न तस्तरी यानी स्टार ब्लॉगर समीरलाल की एक अलग तरह की प्रतिभा की एक झलक।
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    21 mins
  • अंक 3 : मायावती पर फ्रेश रिलायंस
    May 20 2007
    पॉडभारती के पॉडज़ीन स्वरूप में इज़ाफा करते हुये हम इसके तृतीय अंक में सामयिक घटनाओं के विश्लेषण शामिल कर रहे हैं। हमारे तृतीय अंक में आप सुन सकते हैं, 1. पॉडभारती के विगत अंकों पर श्रोताओं की राय का अवलोकन व हमारी प्रतिक्रिया, 2. 13 मई 2007 को राँची में रिलायंस फ्रेश सुपरमार्केट पर पथराव की घटना के दूरगामी परिणाम देखने का प्रयास अफलातून देसाई और आलोक पुराणिक के साथ और 3. उत्तर प्रदेश के असेंबली चुनाव में बसपा को मिले बहुमत के निहितार्थ बताती सृजन शिल्पी की विशेष वार्ता।
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    15 mins
  • अंक 2 : मातृत्व दिवस विशेष
    May 13 2007
    हमारे समाज में मां को एक देवी का दर्जा मिला हुआ है और इसी की बदौलत मातृत्व को संसार का सबसे बड़ा सुख माना जाता है। मगर दु:ख कि बात यह है कि हर मां इतनी खुशकिस्मत नहीं। इस दुनिया में कुछ मांएं ऐसी भी हैं जिन्हें न तो देवी माना जाता है और न ही उनका मातृत्व सुख का कारण है। जी हां, हम उन्हीं औरतों की बात कर रहे हैं जिन्हें ये समाज वेश्यायें, रंडी, तवायफ और न जाने किन-किन नामों से पकारता है, उनके मातृत्व को पाप और कलंक कहता है। ऐसी ही कुछ मांओं से कीजिये मुलाकात और जानिये उनके बच्चों और उनके सपनों को पॉडभारती के इस मदर्स डे विशेषांक में। कार्यक्रम की परिकल्पना व संचालन किया है शशि सिंह ने। इस मार्मिक पॉडकास्ट को आप कभी भूल न पायेंगे, हमारा वादा है।
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    17 mins