PRIME MEMBER EXCLUSIVE | 3 Months Free Trial

Auto-renews at INR 199/mo after 3 months. Cancel anytime. Offer ends 15 July, 2026.
Piyush Pandey
AUTHOR

Piyush Pandey

Tap the gear icon above to manage new release emails.
पत्रकारिता में करीब ढाई दशक का अनुभव रखने वाले पीयूष देश के उन चुनिंदा पत्रकारों में हैं, जिन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, वेब मीडिया के साथ फिल्मी दुनिया में काम करने का खासा अनुभव है और उनकी पहचान उनका वर्सेटाइल होना ही है। इतना ही नहीं, पीयूष की एक पहचान व्यंग्यकार की भी है। उनके तीन व्यंग्य संग्रह 'छिछोरेबाजी का रिजोल्यूशन' 2012 में राजकमल प्रकाशन से और फिर 'धंधे मातरम' 2017 में, कबीरा बैठा डिबेट में 2020 में प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित हो चुका है। फेसबुक पर उनके वन लाइनर खासे चर्चित हैं। इसके बाद आई अभिनेता मनोज बाजपेयी की बायोग्राफी ‘कुछ पाने की जिद खासी चर्चित रही। इस किताब को हिन्दी और अंग्रेजी में पेंगुइन इंडिया ने प्रकाशित किया है। पीयूष ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1998 में ‘अमर उजाला’ अखबार से की थी। 2001 में ‘नवभारत टाइम्स’ ऑनलाइन की लॉन्चिंग टीम में रहे और फिर करीब तीन साल उसे संभाला भी। ‘आजतक’ में टीवी पत्रकारिता का लंबा अनुभव लेने के बाद उन्होंने 2007 में ‘सहारा समय’ में आउटपुट हेड की जिम्मेदारी संभाली। ‘जी न्यूज’ में बतौर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर काम किया, तो आईबीएन-7 (न्यूज18 इंडिया) में उन्होंने बतौर सोशल मीडिया एडिटर काम किया। हालांकि, आईबीएन-7 की उनकी पारी खासी छोटी रही। इसके बाद ‘आजतक’, ‘एबीपी न्यूज’, ‘सूर्या टीवी’ होते हुए वे ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में आए थे। पीयूष पांडे फिलहाल आज तक न्यूज़ चैनल में एग्जीक्यूटिव एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।
Read more Read less

Best Sellers

Product List
  • Preview

    ₹671.06 or free with 30-day trial