धूम्रलोचन
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धर्म कथा · दूसरा सीज़न: नवरात्रि · एपिसोड 81
हुङ्कारेणैव तं भस्म सा चकाराम्बिका ततः। केवल हुंकार से, अंबिका ने उसे भस्म कर दिया। आप सुन रहे हैं धर्म कथा। दूसरा सीज़न, नवरात्रि। इक्यासीवाँ एपिसोड, चौथा दिन। अठहत्तरवें एपिसोड में शुंभ का दूत हिमालय पर आया, माँ को इनाम की तरह ले जाने, और माँ ने, ऊपर से गंभीर और भीतर मुस्कुराते हुए, अपना प्रण सुनाया। जो मुझे युद्ध में जीते, वही मेरा पति। आज सप्तशती का छठा अध्याय। पूरे ग्रंथ का सबसे छोटा अध्याय। और युद्ध की पहली लड़ाई।
पिछला एपिसोड सुनें: एपिसोड 78।
स्रोत। श्रेणी: पुराण, एक श्लोक सहित। कथा सप्तशती के छठे अध्याय से है, देवीमाहात्म्यम डॉट औरोभारती डॉट इन पर पाठ और अनुवाद से: दूत की सूचना, धूम्रलोचन को शुंभ का आदेश, साठ हज़ार असुर, माँ का उत्तर, हुंकार, सिंह द्वारा सेना का नाश, और चंड-मुंड को आदेश। उद्धृत पंक्ति, हुङ्कारेणैव तं भस्म सा चकाराम्बिका ततः, वहाँ तेरहवें श्लोक में है। संवाद संक्षेप में और भाव में हैं। धूम्रलोचन नाम का अर्थ शाब्दिक है; पूजा में हुम् का प्रयोग सामान्य परंपरा है। असुरों के बढ़ते क्रम और शुंभ के अहंकार पर विचार मेरा मनन है। श्लोक की पुष्टि किसी संस्कृत जानकार से करा लेनी चाहिए।
सूचना: इस एपिसोड की आवाज़ AI (कृत्रिम बुद्धि) से बनी है और पटकथा लेखन में AI की सहायता ली गई है। श्लोक प्रकाशित संस्करणों से मिलाए गए हैं; सुधार के सुझाव स्वागत योग्य हैं।