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Lapata Pair (Hindi Edition)
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Narrated by:
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Virtual Voice
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Written by:
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Sumeet Kumar
This title uses virtual voice narration
अंदर के सफे जिस कालिख से रंगे हैं, उसमें ज़िन्दगी के कई रंग दर्ज हैं
मसलन ये किताब कई बच्चों के गुम पैरों की कहानी है
किसी के धुएँ के चोरी हो जाने की, उबरते सायों की, किसी मोटू की
किसी खिड़की की, किसी अधूरी नींद की, उल्टे की, सीधे की
इन कहानियों मे जंग लड़ती एक स्पेशल मम्मी हैं
और हाँ आँखों में टिमटिमाता एक सपना भी है
फिर एक खबर है जो भीतर से कुछ तोड़ देती है
एक उलझा दिमाग है, एक एबॉर्शन है, फ़िज़ूल की ठेकेदारी है
एक जागता कुत्ता है, हवा में उड़ते काले-सफ़ेद बादल हैं
एक हड़बड़ाया ड्राईवर है, बहुत सारे गुब्बारे हैं, बूढ़ा पेशाबघर है
एक नन्हा क्रांतिकारी है और उसकी न मिटने वाली भूख है
एक उबड़-खाबड़ चेहरा है, चेहरे से उड़ता पाउडर है
एक अंग्रेज़ी खौफ़ है, सामने खड़ी दीवार है, खून से सने नोट हैं
काँव-काँव करता एक कव्वा है, पत्थरों को गिनता एक बच्चा है
एक नज़रिया है, और आखिर में... मैं हूँ और एक लंबा इंतज़ार है...