क्या भारत फिर खाद्य निर्भरता की ओर बढ़ रहा है? | किसानों के नाम एक महत्वपूर्ण संदेश
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1965 में भारत ने खाद्य निर्भरता की कीमत चुकाई थी।
उस संकट से हरित क्रांति पैदा हुई, और पंजाब के किसानों ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
आज, मक्का, एथनॉल और DDGS से जुड़ी नीतियों को लेकर कुछ नए सवाल खड़े हो रहे हैं।
अगर भारत हाल तक DDGS निर्यात कर रहा था, तो फिर आयात की ज़रूरत क्यों पड़ी?
क्या यह सिर्फ DDGS का मामला है, या इससे आगे मक्का, किसानों की आय और भारत की खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है?
इस ऑडियो में मैंने इन्हीं सवालों पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और हमारी स्वतंत्र रिसर्च के आधार पर अपनी बात रखी है।
यह किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष का संदेश नहीं है। यह भारत के किसानों, खाद्य सुरक्षा और नीति में पारदर्शिता पर एक गंभीर चर्चा का निमंत्रण है।
— विशाल सिंह जैन
Director, VSJ Ventures LTD
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