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MadhuShala

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Written by: MadhuShala
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Channeling emotions through words Join the journey of spoken soul 🎙️🖋️"MadhuShala Art Entertainment & Performing Arts
Episodes
  • To Kya | Javed Akhtar | ft. MadhuShala
    Feb 4 2026

    तो क्या खामोश यूँ ही डूब जाने का इरादा है?



    मगर कैसे भुलाओगे कि सूरज की उजालों से तुम्हारा कोई वादा है।


    तो अब देखते क्या हो -


    चलो इन कश्तियों की रस्सियाँ खोलो, समंदर में उतरते हैं।


    कहीं तो रोशनी की भी ज़मीनें होंगी, उन्हें ढूँढने।


    अगर हो सके, तो इस अँधेरे के समंदर को पार करते हैं।


    और इस कोशिश में जीते हैं तो जीते हैं, मरते हैं तो मरते हैं!

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    1 min
  • Chand Tukda hai | Unknown | ft. MadhuShala
    Feb 3 2026

    लोग बचते हैं समंदर से, लेकिन हम तुम्हारी आंखों में डूबने को तैयार हैं। किसको देखने की चाहत करें? तुमको देख लिया है, एक बार। तुम्हारी जुल्फों की गहराई है बहुत और हमको पसंद नहीं आता है किनारा। लोग कहते हैं चांद का टुकड़ा हो तुम, हम कहते हैं चांद टुकड़ा है तुम्हारा।

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    Less than 1 minute
  • Aaj Tak Kaise |Ajam Shakri | Ft. MadhuShala
    Feb 2 2026

    आज तक कैसे गुज़ारी है ये अब पूछती है

    रात टूटे हुए तारों का सबब पूछती है


    तू अगर छोड़ के जाने पे तुला है तो जा

    जान भी जिस्म से जाती है तो कब पूछती है


    कल मिरे सर पे मिरा ताज था तो सब थे मिरे

    आज दुनिया ये मिरा नाम-ओ-नसब पूछती है


    मैं चराग़ों की नवें थाम के सो जाता हूँ

    रात जब मुझ से मिरा हुस्र-ए-तलब पूछती है

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    1 min
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