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  • To Kya | Javed Akhtar | ft. MadhuShala
    Feb 4 2026

    तो क्या खामोश यूँ ही डूब जाने का इरादा है?



    मगर कैसे भुलाओगे कि सूरज की उजालों से तुम्हारा कोई वादा है।


    तो अब देखते क्या हो -


    चलो इन कश्तियों की रस्सियाँ खोलो, समंदर में उतरते हैं।


    कहीं तो रोशनी की भी ज़मीनें होंगी, उन्हें ढूँढने।


    अगर हो सके, तो इस अँधेरे के समंदर को पार करते हैं।


    और इस कोशिश में जीते हैं तो जीते हैं, मरते हैं तो मरते हैं!

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    1 min
  • Chand Tukda hai | Unknown | ft. MadhuShala
    Feb 3 2026

    लोग बचते हैं समंदर से, लेकिन हम तुम्हारी आंखों में डूबने को तैयार हैं। किसको देखने की चाहत करें? तुमको देख लिया है, एक बार। तुम्हारी जुल्फों की गहराई है बहुत और हमको पसंद नहीं आता है किनारा। लोग कहते हैं चांद का टुकड़ा हो तुम, हम कहते हैं चांद टुकड़ा है तुम्हारा।

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    Less than 1 minute
  • Aaj Tak Kaise |Ajam Shakri | Ft. MadhuShala
    Feb 2 2026

    आज तक कैसे गुज़ारी है ये अब पूछती है

    रात टूटे हुए तारों का सबब पूछती है


    तू अगर छोड़ के जाने पे तुला है तो जा

    जान भी जिस्म से जाती है तो कब पूछती है


    कल मिरे सर पे मिरा ताज था तो सब थे मिरे

    आज दुनिया ये मिरा नाम-ओ-नसब पूछती है


    मैं चराग़ों की नवें थाम के सो जाता हूँ

    रात जब मुझ से मिरा हुस्र-ए-तलब पूछती है

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    1 min
  • Humne Kab Chaha | Yashir Khan Inam | ft. MadhuShala
    Jan 22 2026

    हम ने कब चाहा कि वो शख़्स हमारा हो जाए

    इतना दिख जाए कि आँखों का गुज़ारा हो जाए


    हम जिसे पास बिठा लें वो बिछड़ जाता है

    तुम जिसे हाथ लगा दो वो तुम्हारा हो जाए


    तुम को लगता है कि तुम जीत गए हो मुझ से

    है यही बात तो फिर खेल दुबारा हो जाए


    है मोहब्बत भी अजब तर्ज़-ए-तिजारत कि यहाँ

    हर दुकाँ-दार ये चाहे कि ख़सारा हो जाए

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    1 min
  • Tasveer | Unknown | Recited by MadhuShala
    Jan 22 2026

    वो दिन किस दिन के बाद में आएगा, जिस दिन के बाद में तू किसी की बात में नहीं आएगा।


    मैं रातों में जागता हूं और मसला यह है कि मेरा महबूब मासूम है, रातों को घर से बाहर नहीं आएगा। दिल में उसकी तस्वीर कील से गढ़ी हुई है।।


    तस्वीर निकल जाएगी, निशान नहीं जाएगा। राख बचती है जलने के बाद में, कौन पागल है जो राख से दिल लगाएगा।

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    1 min
  • Accha Lagta hai | Unknown | ft. MadhuShala
    Jan 17 2026
    1 min
  • Tum Acchi Ladki Ho | Kami Sah | ft. MadhuShala
    Jan 14 2026

    वैसे तुम अच्छी लड़की हो लेकिन मेरी क्या लगती हो

    मैं अपने दिल की कहता हूँ तुम अपने दिल की सुनती हो

    झीलों जैसी आँखों वाली तुम बेहद गहरी लगती हो

    मौज-ए-बदन में रंग हैं इतने लगता है रंगों से बनती हो

    फूल हुए हैं ऐसे रौशन जैसे इन में तुम हँसती हो

    जंगल हैं और बाग़ हैं मुझ में तुम इन से मिलती-जुलती हो

    यूँ तो बशर-ज़ादी हो लेकिन ख़ुशबू जैसी क्यूँ लगती हो

    अक्सर सोचता रहता हूँ मैं ख़ल्वत में तुम क्या करती हो

    वो क़र्या आबाद हमेशा जिस क़र्ये में तुम रहती हो

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    1 min
  • Pichle Baras Tum | farah shahid | Ft. MadhuShala
    Dec 27 2025

    पिछले बरस तुम साथ थे मेरे और दिसम्बर था

    महके हुए दिन-रात थे मेरे और दिसम्बर था


    चाँदनी रात थी सर्द हवा से खिड़की बजती थी

    उन हाथों में हाथ थे मेरे और दिसम्बर था


    बारिश की बूंदों से दिल पे दस्तक होती थी

    सब मौसम बरसात थे मेरे और दिसम्बर था


    भीगी जुल्फें भीगा आँचल नींद थी आँखों में

    कुछ ऐसे हालात थे मेरे और दिसम्बर था


    धीरे धीरे भड़क रही थी आतिश दान की आग

    बहके हुए जज़्बात थे मेरे और दिसम्बर था


    प्यार भरी नज़रों से 'फ़रह' जब उस ने देखा था

    बस वो ही लम्हात थे मेरे और दिसम्बर था

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    1 min