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Padhaku Nitin

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Written by: Aaj Tak Radio
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Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein.

कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी की पूरी सभ्यता चुपचाप कैसे मिट जाती है?

भाषा के ग्रामर से मिले कब, क्यों, कैसे, कहां, किसने ऐसे शब्द हैं जो सेंटेंस में जुड़ जाएँ तो सवाल पैदा करते हैं और सवालों के बारे में आइंस्टीन ने कहा था- The important thing is not to stop questioning. पढ़ाकू नितिन ऐसा ही पॉडकास्ट है जिसमें किसी टॉपिक का रेशा रेशा खुलने तक हम सवाल पूछने से थकते नहीं.Copyright © 2026 Living Media India Limited
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  • Mahabharat की Real Locations के नीचे क्या दबा मिला? ASI DG Sanjay Manjul Unfiltered : Padhaku Nitin
    Oct 22 2026
    इंसान हमेशा से अपने अतीत को जानने के लिए उत्सुक रहा है। हमारी सभ्यताएँ कैसे विकसित हुईं? हमारे पूर्वज कैसे रहते थे? और ज़मीन की परतों में दफ़्न कौन-से ऐसे राज़ हैं, जो भारत के इतिहास को देखने का हमारा नज़रिया बदल सकते हैं?

    इस बार Padhaku Nitin Podcast में हमारे साथ हैं Archaeological Survey of India (ASI) के Additional Director General (Archaeology), Dr. Sanjay Kumar Manjul। करीब तीन साल पहले संजय जी से हमारी बातचीत सिनौली की खुदाई और वहाँ मिले रथों व हथियारों पर हुई थी। इस बार हम भारत की दूसरी महत्वपूर्ण पुरातात्विक साइट्स की पड़ताल कर रहे हैं।

    इस एपिसोड में जानिए:
    🔸 राखीगढ़ी (Rakhigarhi): हड़प्पा सभ्यता की इस महत्वपूर्ण साइट पर अब तक क्या मिला है? कौन-से रहस्य अब भी अनसुलझे हैं?
    🔸 सिनौली (Sinauli): यहाँ मिले रथों और हथियारों ने प्राचीन भारत के इतिहास को लेकर क्या नई बहसें छेड़ीं?
    🔸 द्वारका (Dwarka): समुद्र के भीतर और आसपास मिले पुरातात्विक साक्ष्य हमें क्या बताते हैं?
    🔸 एलिफ़ेंटा की गुफ़ाएँ (Elephanta Caves): इन प्राचीन गुफ़ाओं का इतिहास और इनके निर्माण से जुड़े सवाल क्या हैं?
    🔸 गोलकुंडा (Golconda): इस ऐतिहासिक क्षेत्र की पुरातात्विक अहमियत क्या है?
    🔸 ASI की खुदाइयाँ: हाल के वर्षों में भारतीय पुरातत्व में क्या नई खोजें हुई हैं और भविष्य में कौन-सी खुदाइयाँ इतिहास की हमारी समझ को बदल सकती हैं?

    दशकों के अनुभव और देश की अलग-अलग पुरातात्विक साइट्स पर काम करने वाले डॉ. संजय कुमार मंजुल के साथ इस बातचीत में समझेंगे कि Archaeology यानी पुरातत्व का विज्ञान कैसे काम करता है, किसी खोज से इतिहास के बारे में हमारी धारणाएँ कैसे बदलती हैं और किसी ऐतिहासिक दावे को प्रमाणित करने के लिए किस तरह के साक्ष्यों की ज़रूरत होती है।

    📌 Padhaku Nitin को Subscribe करें ऐसी ही दिलचस्प बातचीत, इतिहास की अनसुनी कहानियों और दुनिया को समझने वाले नए नज़रियों के लिए।
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    1 hr and 12 mins
  • Jantar Mantar की असली कहानी: Raja Jai Singh की Laboratory या Indian Protest का मंदिर? : Padhaku Nitin
    Oct 16 2026
    क्या इंसान को जीने के लिए सिर्फ़ खाना और पानी चाहिए? अगर ऐसा होता, तो न्याय की माँग करते हुए लोग अनशन क्यों करते? भारत में जब भी किसी ने अपने हक़ और इंसाफ़ के लिए आवाज़ उठाई, तो दिल्ली के एक ठिकाने का नाम बार-बार सामने आया — जंतर-मंतर।

    पिछले तीन दशकों में किसान आंदोलन से लेकर पहलवानों के प्रदर्शन, बेरोज़गार युवाओं की माँगों से लेकर निर्भया को इंसाफ़ दिलाने की लड़ाई तक, जंतर-मंतर ने कई आंदोलनों को आवाज़ दी है। लेकिन आज यही जगह एक नई बहस के केंद्र में है। चर्चा है कि यहाँ प्रदर्शनों की इजाज़त पर रोक लग सकती है।

    मगर जिस जंतर-मंतर को हम आज विरोध और प्रतिरोध की जगह के तौर पर जानते हैं, उसकी अपनी कहानी क्या है? इसे किसने बनवाया? इसका नाम जंतर-मंतर क्यों पड़ा? और आख़िर यह है क्या — मंदिर, किला या कोई ऐसी इमारत, जिसका असली मक़सद हम भूल चुके हैं?

    इस एपिसोड में समझेंगे जंतर-मंतर का इतिहास, विज्ञान से उसका हैरतअंगेज़ रिश्ता और उन इमारतों की कहानी, जो इससे प्रेरित होकर बनाई गईं। जानेंगे कि सदियों पहले बने इन विशाल उपकरणों का इस्तेमाल खगोलीय घटनाओं को समझने और समय मापने के लिए कैसे किया जाता था।

    इस ऐतिहासिक सफ़र में हमारे साथ हैं इतिहासकार और वास्तुकार अनीशा मुखर्जी, जो Jantar Mantar, Maharaja Sawai Jai Singh’s Observatory in Delhi की लेखिका हैं।

    देखिए पढ़ाकू नितिन का यह ख़ास एपिसोड और जानिए उस जंतर-मंतर की कहानी, जिसे आज हम विरोध प्रदर्शनों के लिए जानते हैं, लेकिन जिसकी पहचान कभी विज्ञान और खगोलशास्त्र से जुड़ी थी।
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    1 hr and 30 mins
  • Draupadi की बेइज़्ज़ती, Gandhari की Insecurity, Kunti का Virginity वरदान: Padhaku Nitin
    Oct 15 2026
    महाभारत की कहानी को अगर स्त्रियों की नज़र से देखा जाए, तो क्या कुछ बदल जाएगा? क्या द्रौपदी, गांधारी, कुंती और सत्यवती की नज़र से महाभारत की नई परतें खुलती हैं? क्या इस महागाथा की स्त्रियां महज़ निमित्त मात्र थीं, या उनके बिना महाभारत की कहानी अधूरी है?

    इतिहास हो, कोई घटना या कोई किरदार—उसे समझने के लिए अलग-अलग नज़रियों से देखना ज़रूरी है। आचार्य चतुरसेन ने अपने उपन्यास ‘वयं रक्षामः’ में रामायण की कहानी को रावण के नज़रिए से देखा, तो मैथिलीशरण गुप्त ने अपनी कृति ‘यशोधरा’ में बुद्ध की कहानी को उनकी पत्नी यशोधरा की नज़र से प्रस्तुत किया।

    तो फिर महाभारत को उसकी स्त्रियों की नज़र से पढ़ने पर क्या दिखाई देता है? इस महागाथा में द्रौपदी, गांधारी, कुंती, गंगा, अंबा, अंबालिका, सत्यवती, माद्री और उत्तरा जैसी स्त्रियों की अपनी इच्छाएं, संघर्ष, दर्शन और सवाल क्या थे? क्या वे केवल पुरुषों के फैसलों और युद्धों के बीच मौजूद पात्र थीं, या महाभारत की पूरी कहानी को दिशा देने में उनकी भी निर्णायक भूमिका थी?

    पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में बात महाभारत की स्त्रियों की। उनके मन, उनके दर्शन, उनकी पीड़ा, उनके संघर्ष और उनके किरदारों की उन परतों को समझने की कोशिश, जिन पर अक्सर पर्याप्त चर्चा नहीं होती।

    हमारे साथ हैं सुमन केशरी जी, जो पिछले तीन दशकों से महाभारत की स्त्रियों पर लेखन और चिंतन कर रही हैं। उन्होंने इन स्त्रियों पर कविताएं लिखी हैं, नाटक रचे हैं और उनके जीवन-दर्शन को समझने की कोशिश की है। उनके नाटकों में गांधारी, हिडिंबा और सावित्री जैसे पात्रों की दुनिया खुलती है, जबकि उनके कविता-संग्रह ‘निमित्त नहीं’ की कविताएं इन स्त्रियों के अनुभवों और अस्तित्व को समर्पित हैं।

    क्या महाभारत की स्त्रियां सचमुच निमित्त मात्र थीं? या फिर उनकी कहानियों को समझे बिना हम महाभारत को पूरी तरह समझ ही नहीं सकते?

    सुनिए पढ़ाकू नितिन का यह विशेष एपिसोड।
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    1 hr and 59 mins
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