• भारत का पहला Time Cafe? जानिए Mauji Startup की पूरी कहानी
    Jul 27 2026

    क्या आपने कभी सोचा है कि कोई कैफे कॉफी नहीं, बल्कि आपका समय बेचकर करोड़ों का बिजनेस बना सकता है? आज की कहानी आपको बताएगी कि कैसे एक अलग सोच ने भारत में एक नया बिजनेस मॉडल खड़ा कर दिया।

    इस एपिसोड में जानिए महाराष्ट्र की युवा उद्यमी वंदिता पुरोहित की प्रेरणादायक कहानी, जिन्होंने रूस के Anti-Cafe कॉन्सेप्ट से प्रेरणा लेकर भारत में Mauji Time Cafe की शुरुआत की।

    कोरोना महामारी, लॉकडाउन और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने आइडिया पर विश्वास बनाए रखा और आज Mauji एक सफल कम्युनिटी-ड्रिवन बिजनेस बन चुका है।

    इस एपिसोड में आप जानेंगे—

    • Mauji Time Cafe का अनोखा बिजनेस मॉडल
    • कैसे एक साधारण आइडिया करोड़ों के बिजनेस में बदला
    • लॉकडाउन के दौरान आई सबसे बड़ी चुनौतियां
    • ग्राहकों के अनुभव को बिजनेस की ताकत कैसे बनाया गया
    • युवा उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण Startup Lessons

    अगर आप अपना Startup शुरू करना चाहते हैं या प्रेरणादायक Founder Stories सुनना पसंद करते हैं, तो यह एपिसोड आपके लिए है।

    Episode Chapters:

    • परिचय — Mauji Time Cafe क्यों है खास?
    • वंदिता पुरोहित की शुरुआती सोच
    • रूस के Anti-Cafe से भारत तक का सफर
    • कोरोना महामारी और सबसे बड़ी चुनौती
    • कैसे Mauji ने ग्राहकों का दिल जीता
    • ₹2 करोड़ तक का सफर
    • ₹1000 करोड़ का विजन
    • 5 Startup Lessons हर Founder के लिए


    Show More Show Less
    16 mins
  • ज़िवामे सक्सेस स्टोरी - एक साधारण विचार से भारत के अग्रणी स्टार्टअप तक
    Jul 14 2026
    भाग 1एक विचार जिसने सब कुछ बदल दियाहर सफल स्टार्टअप की शुरुआत किसी वास्तविक समस्या को पहचानने से होती है।रिचा कर ने देखा कि भारत में लाखों महिलाओं के लिए इनरवियर खरीदना असहज अनुभव था। सीमित विकल्प, गोपनीयता की कमी और सही मार्गदर्शन न होने के कारण यह एक अनदेखी समस्या बन चुकी थी।उन्होंने इस समस्या को सामान्य मानकर स्वीकार नहीं किया, बल्कि इसे हल करने का संकल्प लिया।बाजार में छिपे हुए अवसर की पहचान।सुरक्षित कॉर्पोरेट करियर छोड़कर उद्यमिता की शुरुआत।ग्राहक-केंद्रित विज़न के साथ ज़िवामे की नींव।वर्ष 2011 में ज़िवामे की शुरुआत।महान स्टार्टअप किसी उत्पाद से नहीं, बल्कि एक वास्तविक समस्या के समाधान से शुरू होते हैं।एक विचार होना पर्याप्त नहीं था। उसे सफल व्यवसाय में बदलना सबसे बड़ी चुनौती थी।रिचा कर ने अपनी बचत निवेश की, ब्रांड्स को एक नए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर भरोसा दिलाया और ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए लगातार मेहनत की।निवेश जुटाना आसान नहीं था।कई निवेशकों ने इस विचार को अस्वीकार कर दिया क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं था कि भारतीय महिलाएँ ऑनलाइन इनरवियर खरीदेंगी।लेकिन रिचा ने हार नहीं मानी। उन्होंने ग्राहकों की बात सुनी, प्लेटफ़ॉर्म को बेहतर बनाया और यह साबित किया कि उनका बिज़नेस मॉडल वास्तविक समस्या का समाधान कर रहा है।आखिरकार, प्रमुख निवेशकों का विश्वास जीतकर ज़िवामे ने अपनी विकास यात्रा को नई गति दी।पहला ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म तैयार किया।प्रमुख ब्रांड्स के साथ साझेदारी।शुरुआती ग्राहकों का विश्वास जीता।संस्थागत निवेश प्राप्त किया।प्रोडक्ट-मार्केट फिट हासिल किया।जब ग्राहक आपके समाधान पर भरोसा करते हैं, तब निवेशक भी आपके विज़न पर विश्वास करने लगते हैं।फंडिंग मिलने के बाद असली चुनौती शुरू हुई।ज़िवामे ने केवल उत्पाद नहीं बढ़ाए, बल्कि ग्राहकों की बदलती जरूरतों को समझते हुए प्राइवेट लेबल, एक्टिववियर, शेपवियर, स्लीपवियर और अन्य श्रेणियों में विस्तार किया।कंपनी ने ऑफलाइन स्टोर्स और फिट स्टूडियो भी शुरू किए, जिससे ऑनलाइन और ऑफलाइन अनुभव को एक साथ जोड़ते हुए एक मजबूत ओम्नीचैनल मॉडल तैयार किया।जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा बढ़ी, नवाचार ज़िवामे की सबसे बड़ी ताकत बन गया।नए प्रोडक्ट ...
    Show More Show Less
    17 mins
  • बिना फंडिंग के विजय सेल्स कैसे बना भारत का सबसे भरोसेमंद इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड?
    Jul 3 2026

    क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ ₹10,000 की पूंजी से शुरू हुआ एक छोटा सा इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर भारत की सबसे भरोसेमंद रिटेल ब्रांड्स में कैसे बदल गया?

    इस एपिसोड में हम सुनेंगे नानू गुप्ता (बड़े सर) की प्रेरणादायक कहानी — वह उद्यमी जिन्होंने 1967 में मुंबई के माहिम में एक छोटी दुकान से शुरुआत की और Vijay Sales को करोड़ों ग्राहकों के भरोसे का नाम बना दिया।

    जानिए कैसे बिना बाहरी फंडिंग के, केवल ईमानदारी, ग्राहक सेवा और लंबे विज़न के दम पर उन्होंने एक ऐसा पारिवारिक व्यवसाय खड़ा किया जो आज भी लगातार आगे बढ़ रहा है।

    इस एपिसोड में आप जानेंगे:

    • Vijay Sales की शुरुआत की असली कहानी

    • कैसे ग्राहक का भरोसा बना सबसे बड़ी ताकत

    • बूटस्ट्रैप्ड बिजनेस से रिटेल एम्पायर तक का सफर

    • परिवार और नेतृत्व की भूमिका

    • हर फाउंडर के लिए महत्वपूर्ण बिजनेस सबक

    अगर आप उद्यमी हैं, स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, या भारत के सफल बिजनेस लीडर्स की कहानियों से सीखना चाहते हैं, तो यह एपिसोड आपके लिए है।

    🎧 सुनिए — एक ऐसी कहानी जो साबित करती है कि बड़ा बिजनेस हमेशा बड़े निवेश से नहीं, बल्कि बड़े भरोसे से बनता है।

    Show More Show Less
    20 mins
  • पुरानी दुकान से आधुनिक स्टार्टअप तक
    Jun 25 2026
    नमस्कार और स्वागत है आपके अपने पॉडकास्ट "व्यापार से स्टार्टअप तक" में। आज हम बात करेंगे एक ऐसे विषय पर जो भारत के लाखों व्यापारियों और उद्यमियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है—कैसे एक पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक और स्केलेबल स्टार्टअप में बदला जा सकता है।भारत में हजारों नहीं, बल्कि लाखों ऐसे पारिवारिक व्यवसाय हैं जो दशकों से सफलतापूर्वक चल रहे हैं। किराना स्टोर, कपड़ों की दुकानें, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, होलसेल बिजनेस, रेस्टोरेंट्स और कई अन्य पारंपरिक व्यवसाय हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। लेकिन आज का दौर तेजी से बदल रहा है। ग्राहक बदल रहे हैं, तकनीक बदल रही है और प्रतिस्पर्धा भी पहले से कहीं अधिक बढ़ चुकी है।ऐसे में सवाल उठता है—क्या केवल पुराने तरीकों से व्यापार को आगे बढ़ाया जा सकता है?उत्तर है—शायद नहीं।आज के समय में केवल दुकान चलाना पर्याप्त नहीं है। व्यवसाय को बढ़ाने, नए ग्राहकों तक पहुँचने और लंबे समय तक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए आधुनिक सोच अपनाना आवश्यक हो गया है।सबसे पहला कदम है डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन।यदि आपका व्यवसाय अभी भी पूरी तरह ऑफलाइन है, तो अब समय है ऑनलाइन दुनिया में प्रवेश करने का। एक साधारण वेबसाइट, सोशल मीडिया उपस्थिति, ऑनलाइन कैटलॉग और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाएँ आपके व्यवसाय को नए स्तर तक ले जा सकती हैं।उदाहरण के लिए, पहले एक स्थानीय किराना स्टोर केवल आसपास के ग्राहकों तक सीमित था। लेकिन आज वही स्टोर मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप ऑर्डर और होम डिलीवरी के माध्यम से हजारों ग्राहकों तक पहुँच सकता है।दूसरा महत्वपूर्ण कदम है ग्राहकों को समझना।पारंपरिक व्यवसाय अक्सर व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर चलते हैं, जो एक बहुत बड़ी ताकत है। लेकिन आधुनिक स्टार्टअप डेटा का उपयोग करके ग्राहकों की जरूरतों को समझते हैं। कौन सा उत्पाद सबसे अधिक बिक रहा है? ग्राहक किस समय खरीदारी करते हैं? उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?इन सवालों के जवाब व्यवसाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करते हैं।तीसरा कदम है सिस्टम और प्रोसेस बनाना।यदि आपका व्यवसाय केवल मालिक के अनुभव और निर्णयों पर निर्भर है, तो उसका विस्तार करना कठिन हो सकता है। लेकिन यदि स्पष्ट प्रक्रियाएँ, प्रशिक्षण प्रणाली और ...
    Show More Show Less
    16 mins